मेरे बारे में

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लंदन (यूके) - हैदराबाद, भोपाल (भारत), मध्य प्रदेश, India
अपनी ज़िंदगी को लेकर सपने नहीं देखता... या यूँ कहें कि देखना बंद कर दिया... अपने आस-पास की तमाम चीजों के लिए संजीदा हूँ... इसलिए ख़रा और कभी-कभी कड़वा बोलता हूँ... जो दोस्त हैं कड़वाहट पचा जाते हैं, नहीं तो नये दुश्मन खड़े हो जाते हैं.

रविवार, अप्रैल 12, 2009

मीडिया और मंदी...

दुनिया भर में छाई मंदी का असर हर तरह के कारोबार पर पड़ा, तो इसकी डरावनी तस्वीर दुनिया तक पहुँचाने वाला मीडिया भी मंदी की मार से बच नहीं पाया... लेकिन दूसरे धंधों के उलट मीडिया का कारोबार बंद नहीं हुआ... बल्कि बुद्धि चातुर्य का कौतुक दिखाकर लोगों को बाँधने में माहिर मीडिया के महारथियों ने धन उगाही के नये तरीके ईजाद कर लिये... कैसे...?... पढ़िये इसी ब्लॉग पर...