मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
लंदन (यूके) - हैदराबाद, भोपाल (भारत), मध्य प्रदेश, India
अपनी ज़िंदगी को लेकर सपने नहीं देखता... या यूँ कहें कि देखना बंद कर दिया... अपने आस-पास की तमाम चीजों के लिए संजीदा हूँ... इसलिए ख़रा और कभी-कभी कड़वा बोलता हूँ... जो दोस्त हैं कड़वाहट पचा जाते हैं, नहीं तो नये दुश्मन खड़े हो जाते हैं.

सोमवार, नवंबर 24, 2008

एक दुआ अपने लिए !

ये कहानी है उस रास्ते पर चलने की... जो मंज़िल की तरफ जाने से पहले ही ख़त्म हो गया... इस रास्ते ने सिर्फ मंज़िल की राह ही ख़त्म नहीं की... बल्कि उम्मीदों का काफिला भी रोक दिया... सपनों को कच्ची नींद में तोड़ दिया... और रात के अंधेरे में उस वक्त भटकने को छोड़ा... जब सुबह के आसार भी नज़र नहीं आते... क्या आप भी गुजर चुके हैं या गुजर रहे हैं किसी ऐसी ही राह से...ऐसी ही रात से गुज़र रहे हैं आप भी ,तो आइये मिलकर दुआ करें... कि सुबह भी जल्दी ही आये... क्या आप सबके साथ उम्मीद कर सकता हूँ... कि वो सुबह कभी तो आयेगी.....!

2 टिप्‍पणियां:

  1. हर रात की सुबह होती है। रात जितनी गहरी होती है सुबह उतना ही उजियारा फैलाती है। आपकी दुआ में हमारी दुआ भी शामिल है कि जिसके पास भी अंधियारी रात आएँ उसे जल्द ही प्रभात के दर्शन हों...

    जवाब देंहटाएं
  2. i wish soon some beautiful moment come in life

    जवाब देंहटाएं