मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
लंदन (यूके) - हैदराबाद, भोपाल (भारत), मध्य प्रदेश, India
अपनी ज़िंदगी को लेकर सपने नहीं देखता... या यूँ कहें कि देखना बंद कर दिया... अपने आस-पास की तमाम चीजों के लिए संजीदा हूँ... इसलिए ख़रा और कभी-कभी कड़वा बोलता हूँ... जो दोस्त हैं कड़वाहट पचा जाते हैं, नहीं तो नये दुश्मन खड़े हो जाते हैं.

सोमवार, सितंबर 29, 2008

संवेदनाएँ... !

मृत देहों के चिथड़े
बिलखते हुए नवजात
और खून से सनकर
पहचान खो चुकी लाशें
यही सब दिखता है
समाचार की सुर्खियों में
मन करता है... चस्पा कर दूँ
एक सूचना भी...
कि यह सिर्फ विज्ञापन है
प्रायोजित संवेदनाओं का...!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें